Thursday, February 5, 2026
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कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना – Koi Jaye Jo Vrindavan Mera Paigaam Le Jana Bhajan Hindi 2026

By Dr. Hemlata | Reviewed by Vedic Scholar | Last Updated: January 2026 - This devotional text has been carefully verified against widely accepted traditional sources to preserve correct wording, pronunciation, and spiritual intent for daily recitation.
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भजन “जाये जो वृंदावन मेरा पैगाम ले जाना” (Koi Jaye Jo Vrindavan) एक ऐसा भक्ति गीत है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को सुंदरता से व्यक्त किया गया है। यह भजन उन भक्तों के हृदय से निकली सच्ची भावनाओं का प्रतीक है, जो अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम में निमग्न रहते हैं और उनसे अपने मन की बात साझा करना चाहते हैं।

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  • English Lyrics

|| कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना ||

कोई जाये जो वृन्दावन,
मेरा पैगाम ले जाना,
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ,
मेरा प्रणाम ले जाना ||

ये कहना मुरली वाले से,
मुझे तुम कब बुलाओगे,
पड़े जो जाल माया के,
उन्हे तुम कब छुडाओगे,
मुझे इस घोर दल दल से,
मेरे भगवान ले जाना,
कोई जाये जो वृंदावन,
मेरा पैगाम ले जाना ||

जब उनके सामने जाओ,
तो उनको देखते रहना,
मेरा जो हाल पूछें तो,
जुबाँ से कुछ नहीं कहना,
बहा देना कुछ एक आँसू,
मेरी पहचान ले जाना,
कोई जाये जो वृंदावन,
मेरा पैगाम ले जाना ||

जो रातें जाग कर देखें,
मेरे सब ख्वाब ले जाना,
मेरे आँसू तड़प मेरी,
मेरे सब भाव ले जाना,
न ले जाओ अगर मुझको,
मेरा सामान ले जाना,
कोई जाये जो वृंदावन,
मेरा पैगाम ले जाना ||

मैं भटकूँ दर-ब-दर प्यारे,
जो तेरे मन में आये कर,
मेरी जो साँसे अंतिम हो,
वो निकलें तेरी चौखट पर,
हरिदासी हूँ मैं तेरी,
मुझे बिन दाम ले जाना,
कोई जाये जो वृंदावन,
मेरा पैगाम ले जाना ||

कोई जाये जो वृन्दावन,
मेरा पैगाम ले जाना,
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ,
मेरा प्रणाम ले जाना ||

|| Koi Jaye Jo Vrindavan ||

Koi jaye jo Vrindavan, Mera paigaam le jana,
Main khud to ja nahi paun, Mera pranam le jana ||

Ye kehna murli wale se, Mujhe tum kab bulaoge,
Pade jo jaal maya ke, Unhe tum kab chhudaoge,
Mujhe is ghor dal dal se, Mere bhagwan le jana,
Koi jaye jo Vrindavan, Mera paigaam le jana ||

Jab unke samne jao, To unko dekhte rehna,
Mera jo haal poochein to, Zuban se kuch nahi kehna,
Baha dena kuch ek aansu, Meri pehchaan le jana,
Koi jaye jo Vrindavan, Mera paigaam le jana ||

Jo raatein jaag kar dekhein, Mere sab khwaab le jana,
Mere aansu tadap meri, Mere sab bhaav le jana,
Na le jao agar mujhko, Mera samaan le jana,
Koi jaye jo Vrindavan, Mera paigaam le jana ||

Main bhatku dar-ba-dar pyaare, Jo tere mann mein aaye kar,
Meri jo saansein antim ho, Wo niklein teri chaukhat par,
Haridaasi hoon main teri, Mujhe bin daam le jana,
Koi jaye jo Vrindavan, Mera paigaam le jana ||

Koi jaye jo Vrindavan, Mera paigaam le jana,
Main khud to ja nahi paun, Mera pranam le jana ||



भजन “जाये जो वृंदावन मेरा पैगाम ले जाना” (Koi Jaye Jo Vrindavan Mera Paigaam Le Jana) एक ऐसा भक्ति गीत है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण को सुंदरता से व्यक्त किया गया है। यह भजन उन भक्तों के हृदय से निकली सच्ची भावनाओं का प्रतीक है, जो अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम में निमग्न रहते हैं और उनसे अपने मन की बात साझा करना चाहते हैं।

इस भजन में भक्त भगवान श्रीकृष्ण से निवेदन करता है कि जब भी कोई वृंदावन जाए, तो वह उसके संदेश को भगवान तक पहुँचा दे। यह संदेश प्रेम, श्रद्धा और भक्ति से भरा होता है। वृंदावन, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रमुख स्थान है, हर भक्त के लिए अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण है। वहां की भूमि, वहां की हवा, सब कुछ भगवान की उपस्थिति का अहसास कराते हैं।

भजन का हर शब्द, हर पंक्ति, भगवान के प्रति अद्वितीय प्रेम को दर्शाता है। भक्त कहता है कि उसकी भावनाएं, उसकी अरदास, उसकी प्रार्थनाएं भगवान तक पहुंचे और भगवान उसकी विनती को स्वीकार करें। इस भजन के माध्यम से भक्त अपने जीवन की समस्याओं, दुखों और चिंताओं को भगवान के सामने रखता है और उनसे समाधान की प्रार्थना करता है।

भजन में वृंदावन की महिमा का वर्णन भी किया गया है। यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का साक्षी है। वहां की गलियाँ, कुंज गलियाँ, यमुना का किनारा, सब कुछ भगवान की दिव्यता का आभास कराता है। भक्त जब भी वृंदावन जाता है, उसे ऐसा महसूस होता है जैसे वह भगवान के सान्निध्य में है। इसलिए वह चाहता है कि उसका संदेश भी भगवान तक पहुँच जाए, ताकि उसकी भक्ति और भी प्रगाढ़ हो सके।

इस भजन का गायन करते समय भक्त भाव-विभोर हो जाता है और उसे लगता है कि वह सीधे भगवान से संवाद कर रहा है। यह भजन भगवान के प्रति उसकी अनन्य भक्ति को और भी गहरा बनाता है। इसमें भगवान के प्रति अपार प्रेम और श्रद्धा की भावना व्यक्त की गई है। यह भजन न केवल एक गीत है, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है जो भक्त को भगवान के करीब ले जाता है।

वृंदावन का नाम सुनते ही मन में भगवान श्रीकृष्ण की मोहक छवि उभर आती है। उनके बाल लीलाओं की यादें ताजा हो जाती हैं और भक्त के मन में एक अद्भुत प्रेम और श्रद्धा की भावना जागृत होती है। भजन “जाये जो वृंदावन मेरा पैगाम ले जाना” इसी भावना को व्यक्त करने का एक प्रयास है।

इस भजन के माध्यम से भक्तजन अपने जीवन में भगवान के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम को और भी मजबूत बना सकते हैं। यह भजन उनकी आत्मा को शांति और सुख प्रदान करता है और उन्हें भगवान के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है। भजन का यह भावपूर्ण संदेश हर भक्त के हृदय को छू जाता है और उन्हें भगवान के और भी निकट ले जाता है।

आध्यात्मिक शांति: इस भजन के माध्यम से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। वृन्दावन भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि है और इस भजन का गान करते हुए उनके दिव्य प्रेम और उनकी लीला का स्मरण होता है।

भावनात्मक संतुलन: भजन का गान मन को शांत करता है और भावनाओं को संतुलित करता है। जब हम भगवान की महिमा का गुणगान करते हैं, तो मन में सकारात्मक भावनाएँ उत्पन्न होती हैं।

धार्मिक विश्वास: इस भजन के माध्यम से धार्मिक विश्वास और आस्था में वृद्धि होती है। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण और उनके लीला स्थलों की महत्ता का बोध होता है।

सकारात्मक ऊर्जा: भजन का गान सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह नकारात्मक विचारों को दूर करता है और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।

ध्यान और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता: भजन का नियमित गान ध्यान और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाता है। जब हम भजन गाते हैं, तो हमारा ध्यान भगवान पर केंद्रित होता है और यह मानसिक एकाग्रता में सहायक होता है।

सामाजिक एकता: भजन का सामूहिक गान सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है। धार्मिक समारोहों और कीर्तन में सामूहिक रूप से भजन गाने से समाज में एकता और सद्भावना का माहौल बनता है।

मानसिक शांति और संतोष: भजन गाने से मानसिक शांति और संतोष की प्राप्ति होती है। यह मन को तनाव और चिंता से मुक्त करता है और जीवन में संतोष का अनुभव कराता है।

भक्ति और समर्पण: इस भजन का गान भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति और समर्पण को बढ़ाता है। यह भक्तों को भगवान के प्रति अपनी निष्ठा और प्रेम को प्रकट करने का एक माध्यम है।

अध्यात्मिक ज्ञान: भजन के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान और प्रबोधन की प्राप्ति होती है। भगवान की लीलाओं और उनके उपदेशों का स्मरण हमें जीवन के सच्चे अर्थ और उद्देश्यों का बोध कराता है।

आत्मिक अनुभव: भजन गाने के दौरान आत्मिक अनुभव की प्राप्ति होती है। यह हमें भगवान के निकटता का अनुभव कराता है और आत्मा को शुद्ध और पवित्र बनाता है।

स्वास्थ्य लाभ: भजन गाने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। यह मन को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद करता है, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।

संस्कार और संस्कृति: भजन गाने से हमारी संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण होता है। यह हमें हमारी धरोहर और धार्मिक परंपराओं से जोड़ता है।

सकारात्मक परिवर्तनों की प्रेरणा: भजन गाने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तनों की प्रेरणा मिलती है। यह हमें आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ने और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

संतुष्टि और आनंद: भजन गाने से अंतर्मन में संतुष्टि और आनंद का अनुभव होता है। यह आत्मा को प्रसन्न और उल्लासित करता है।

भक्ति रस का अनुभव: भजन का गान भक्ति रस का अनुभव कराता है। यह भक्तों को भगवान के प्रेम में डूब जाने का अनुभव कराता है।

ध्यान और समाधि की अवस्था: भजन गाने से ध्यान और समाधि की अवस्था में प्रवेश करने में मदद मिलती है। यह आत्मा को भगवान के सानिध्य का अनुभव कराता है।

आध्यात्मिक उन्नति: भजन का गान आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है। यह भक्त को भगवान के निकट लाने और आत्मा को शुद्ध करने में मदद करता है।

धर्म और दर्शन: भजन के माध्यम से धर्म और दर्शन की गहरी समझ विकसित होती है। यह हमें जीवन के उच्चतम सत्य और उद्देश्यों की खोज करने में मदद करता है।

अंतर्मन की शुद्धि: भजन गाने से अंतर्मन की शुद्धि होती है। यह हमारे विचारों और भावनाओं को पवित्र और निर्मल बनाता है।

समाज में शांति और सद्भावना: भजन गाने से समाज में शांति और सद्भावना का माहौल बनता है। यह धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है।

इस प्रकार, कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना भजन का गान अनेक लाभ प्रदान करता है। यह न केवल भक्तों के मन को शांत और संतुष्ट करता है, बल्कि समाज में भी शांति और सद्भावना का संचार करता है। भजन का गान हमें भगवान के निकट लाने और आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने में सहायता करता है।

“कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” भजन क्या है?

“कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” एक भावपूर्ण भजन है जिसमें भक्त भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और उनकी भक्ति की भावना को व्यक्त करते हैं। इस भजन में भक्त वृन्दावन की पवित्र भूमि की ओर भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को पहुँचाने की प्रार्थना करते हैं।

इस भजन के बोल क्या हैं?

“कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” भजन के बोल भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और प्रेम की गहराई को दर्शाते हैं। भजन के बोल को पढ़ने या सुनने के लिए आप धार्मिक संगीत प्लेटफार्म्स, भजन संग्रह, या यूट्यूब पर भजन के वीडियो देख सकते हैं।

इस भजन को कौन गाता है?

इस भजन को विभिन्न भजन गायक गाते हैं। भजन के वीडियो विवरण या धार्मिक संगीत एल्बम में गायक का नाम उल्लेखित होता है। आप प्रमुख धार्मिक गायकों की आवाज़ में इसे सुन सकते हैं।

“कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” भजन का वीडियो कहाँ देख सकते हैं?

इस भजन का वीडियो आप यूट्यूब जैसे वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म पर देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, धार्मिक संगीत ऐप्स और वेबसाइट्स पर भी यह भजन उपलब्ध हो सकता है।

इस भजन का उद्देश्य क्या है?

“कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” भजन का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम को प्रकट करना है। भजन भक्तों को श्रीकृष्ण के संदेश और उनके दिव्य प्रेम को फैलाने की प्रेरणा देता है।

इस भजन को गाने का सही समय क्या है?

इस भजन को आमतौर पर पूजा, भजन संध्या, या श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक अवसरों पर गाया जाता है। इसे विशेष रूप से रात के समय या भक्ति के अवसरों पर गाने की परंपरा होती है।

इस भजन की कोई विशेष सांगीतिक या लिरिकल विशेषताएँ क्या हैं?

हाँ, “कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” भजन की सांगीतिक विशेषताएँ इसकी मधुर धुन और भावपूर्ण लिरिक्स हैं। भजन का संगीत और स्वर भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूब जाने का अहसास कराते हैं।

क्या इस भजन का कोई लिखित रूप उपलब्ध है?

हाँ, “कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना” भजन का लिखित रूप धार्मिक पुस्तकों, भजन संग्रहों, और विभिन्न वेबसाइट्स पर उपलब्ध हो सकता है। आप इसे भक्ति साहित्य, धार्मिक पुस्तकालय, या ऑनलाइन भजन संग्रह से प्राप्त कर सकते हैं।

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