Saturday, February 14, 2026
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आरती सरस्वती जी: ओम् जय वीणे वाली (Saraswati Aarti: Om Jai Veene Wali)

By Dr. Hemlata | Reviewed by Vedic Scholar | Last Updated: January 2026 - This devotional text has been carefully verified against widely accepted traditional sources to preserve correct wording, pronunciation, and spiritual intent for daily recitation.
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आरती सरस्वती जी: ओम् जय वीणे वाली (Saraswati Aarti) भारतीय संस्कृति में सरस्वती जी की आराधना का एक विशेष स्थान है। ज्ञान, संगीत, कला और वाणी की देवी सरस्वती को मान्यता प्राप्त है। उनके प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का सबसे लोकप्रिय माध्यम है आरती। आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली, एक ऐसी ही आरती है जो हमें देवी सरस्वती की महिमा और उनकी कृपा की याद दिलाती है।

ओइम् जय वीणे वाली आरती की शुरुआत ओम् जय वीणे वाली, माँ जय वीणे वाली, भक्त जनों की दुलारी, माँ जय वीणे वाली जैसे शब्दों से होती है। यह आरती हमें देवी सरस्वती के उन गुणों का स्मरण कराती है, जिनसे वे हमारे जीवन को प्रकाशित करती हैं। देवी सरस्वती को वीणा धारण करने वाली माना जाता है, जो संगीत और कला का प्रतीक है। इस आरती में देवी के विभिन्न रूपों और गुणों का वर्णन किया गया है, जो हमें यह समझने में मदद करता है कि वे हमारे जीवन में कितनी महत्वपूर्ण हैं।

आरती का अगला भाग है हरिगुण चित में आनी, हरिगुण गा-गा कर, माँ भवसागर तारण, माँ भवसागर तारण। इसमें देवी सरस्वती की कृपा से हरि (भगवान विष्णु) के गुणों का स्मरण और गान करने का महत्व बताया गया है। देवी की कृपा से भक्तों को भवसागर (जीवन के कठिनाइयों और समस्याओं का सागर) पार करने में मदद मिलती है। यह आरती भक्तों को प्रेरित करती है कि वे अपने जीवन में हरि के गुणों का अनुसरण करें और उनकी आराधना करें।

आरती का अंतिम भाग है “प्रेम भक्ति सब पा-कर, प्रेम भक्ति सब पा-कर, माँ भवसागर तारण, माँ भवसागर तारण।” इसमें यह बताया गया है कि प्रेम और भक्ति के माध्यम से देवी सरस्वती की कृपा प्राप्त की जा सकती है। यह आरती हमें यह सिखाती है कि देवी सरस्वती की आराधना में प्रेम और भक्ति का महत्वपूर्ण स्थान है। भक्तजन अपने हृदय में प्रेम और भक्ति को बनाए रखते हुए देवी सरस्वती की आराधना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।

आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली, न केवल देवी सरस्वती की महिमा का वर्णन करती है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाती है कि कैसे हम अपने जीवन में ज्ञान, संगीत और कला के माध्यम से उन्नति कर सकते हैं। देवी सरस्वती की आराधना हमें यह सिखाती है कि हम अपने जीवन में प्रेम, भक्ति और समर्पण के साथ आगे बढ़ें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें।

इस आरती को गाने से हमें मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। देवी सरस्वती की कृपा से हम अपने जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह आरती हमें यह सिखाती है कि हमें अपने जीवन में देवी सरस्वती की आराधना करनी चाहिए और उनकी कृपा से अपने जीवन को सफल और सार्थक बनाना चाहिए।

इस प्रकार, आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली, देवी सरस्वती की महिमा का गान है और भक्तों को यह प्रेरणा देती है कि वे अपने जीवन में ज्ञान, संगीत, और कला के माध्यम से उन्नति करें।



  • हिंदी / संस्कृत
  • English

|| आरती सरस्वती जी: ओम् जय वीणे वाली ||

ओइम् जय वीणे वाली,
मैया जय वीणे वाली
ऋद्धि-सिद्धि की रहती,
हाथ तेरे ताली
ऋषि मुनियों की बुद्धि को,
शुद्ध तू ही करती
स्वर्ण की भाँति शुद्ध,
तू ही माँ करती॥ 1 ॥

ज्ञान पिता को देती,
गगन शब्द से तू
विश्व को उत्पन्न करती,
आदि शक्ति से तू॥ 2 ॥

हंस-वाहिनी दीज,
भिक्षा दर्शन की
मेरे मन में केवल,
इच्छा तेरे दर्शन की॥ 3 ॥

ज्योति जगा कर नित्य,
यह आरती जो गावे
भवसागर के दुख में,
गोता न कभी खावे॥ 4 ॥

|| Saraswati Aarti lyrics: Om Jai Veene Wali ||

Om jay veene vaalee,
Maiya jay veene vaalee
Riddhi-siddhi kee rahtee,
Haath tere taalee
Rishi muniyon kee buddhi ko,
Shuddh too hee karatee
Svarn kee bhaanti shuddh,
Too hee Maa karatee॥ 1 ॥

Gyaan pitaa ko detee,
Gagan shabd se too
Vishwa ko utpann karatee,
Aadi shakti se too॥ 2 ॥

Hans-vaahinee deeje,
Bhiksha darshan kee
Mere man mein keval,
Ichha tere darshan kee॥ 3 ॥

Jyoti jaga kar nitya,
Yah aaratee jo gaave
Bhavasaagar ke dukh mein,
Gotaa na kabhee khaave॥ 4 ॥


आरती सरस्वती जी: ओइम् जय वीणे वाली के लाभ

भारतीय संस्कृति में देवी सरस्वती का महत्वपूर्ण स्थान है। वे ज्ञान, संगीत, कला और वाणी की देवी मानी जाती हैं। उनकी आरती, विशेषकर “ओम् जय वीणे वाली”, भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है। यह आरती न केवल भक्ति और श्रद्धा की भावना को बढ़ाती है, बल्कि इसके अनेक लाभ भी हैं। इस लेख में हम ओम् जय वीणे वाली आरती के विभिन्न लाभों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

मानसिक शांति और स्थिरता

ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ और गान करने से मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। जब हम इस आरती को गाते हैं, तो हमारे मन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह आरती हमें ध्यान की स्थिति में पहुंचाती है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है। मानसिक शांति हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है और हमें कठिनाइयों का सामना करने में सक्षम बनाती है।

ज्ञान और विद्या की प्राप्ति

देवी सरस्वती ज्ञान और विद्या की देवी हैं। उनकी आराधना करने से व्यक्ति को ज्ञान और विद्या की प्राप्ति होती है। विशेषकर छात्र और विद्या-अध्ययन में लगे लोग, सरस्वती की आरती से बहुत लाभान्वित होते हैं। ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है और पढ़ाई में रुचि बढ़ती है। इसके अलावा, यह आरती विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त करने में भी मदद करती है।

कला और संगीत में उन्नति

सरस्वती देवी संगीत और कला की भी देवी हैं। उनकी आरती का गान करने से कला और संगीत के क्षेत्र में उन्नति होती है। संगीतकार, गायक, नर्तक और कलाकार इस आरती का नियमित पाठ करके अपने कला कौशल में निखार ला सकते हैं। ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से सृजनात्मकता में वृद्धि होती है और कला के प्रति समर्पण बढ़ता है।

वाणी में मधुरता

सरस्वती देवी वाणी की भी देवी हैं। उनकी आराधना से व्यक्ति की वाणी में मधुरता आती है। ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से व्यक्ति की वाणी में मिठास और प्रभावशीलता बढ़ती है। इससे सामाजिक और पेशेवर जीवन में भी सफलता मिलती है। एक मधुर वाणी से व्यक्ति दूसरों को आसानी से प्रभावित कर सकता है और संबंधों में मधुरता बनाए रख सकता है।

सकारात्मक ऊर्जा का संचार

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह आरती नकारात्मकता को दूर करती है और सकारात्मकता को बढ़ावा देती है। जब हम इस आरती को गाते हैं, तो हमारे घर और मन दोनों में एक सकारात्मक माहौल बनता है। यह सकारात्मक ऊर्जा हमारे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और खुशहाली लाती है।

आत्मविश्वास में वृद्धि

ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। देवी सरस्वती की कृपा से व्यक्ति आत्मविश्वास से भर जाता है और अपने कार्यों को पूरे मनोबल के साथ करता है। आत्मविश्वास हमारी सफलता की कुंजी है और इस आरती का गान करने से हमें यह कुंजी प्राप्त होती है। आत्मविश्वास के साथ हम जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

आध्यात्मिक उन्नति

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारी आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह आरती हमें ईश्वर के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति को बढ़ाती है। आध्यात्मिक उन्नति हमें जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने में मदद करती है और हमें सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होती है। देवी सरस्वती की आराधना से हमें यह समझ में आता है कि सच्चा सुख और शांति केवल भौतिक संपत्तियों में नहीं, बल्कि ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिकता में है।

स्वास्थ्य लाभ

ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। इस आरती का गान करने से मन और शरीर दोनों में संतुलन बनता है। यह आरती तनाव को कम करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और इस आरती का गान करने से हमें यह लाभ प्राप्त होते हैं।

रिश्तों में सुधार

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारे रिश्तों में भी सुधार होता है। देवी सरस्वती की कृपा से हमारे संबंधों में मधुरता और सामंजस्य बढ़ता है। यह आरती हमें सिखाती है कि हम अपने संबंधों में प्रेम, विश्वास और समझ को बनाए रखें। रिश्तों में सुधार से हमारा सामाजिक जीवन खुशहाल और संतुलित बनता है।

घर में सुख-शांति

ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से हमारे घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। यह आरती हमारे घर को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त करती है और सकारात्मकता को बढ़ावा देती है। देवी सरस्वती की कृपा से हमारे घर में सदैव सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इससे हमारे परिवार के सभी सदस्य खुशहाल और संतुष्ट रहते हैं।

भक्ति और समर्पण

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारी भक्ति और समर्पण की भावना में वृद्धि होती है। यह आरती हमें यह सिखाती है कि हमें देवी सरस्वती के प्रति सच्ची भक्ति और समर्पण के साथ आराधना करनी चाहिए। भक्ति और समर्पण से हमें ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और हमारे जीवन की सभी समस्याएं और कठिनाइयां दूर होती हैं।

आत्मा की शुद्धि

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारी आत्मा की शुद्धि होती है। यह आरती हमारे मन और आत्मा को शुद्ध करती है और हमें पवित्रता का अनुभव कराती है। आत्मा की शुद्धि से हमें सच्ची शांति और आनन्द की प्राप्ति होती है। देवी सरस्वती की कृपा से हम अपने जीवन के सभी पापों और बुराइयों से मुक्त हो जाते हैं।

समय की प्रबंधन

ओम् जय वीणे वाली आरती का नियमित पाठ करने से हमें समय की प्रबंधन में भी मदद मिलती है। यह आरती हमें अनुशासन और समय की महत्वपूर्णता सिखाती है। समय का सही प्रबंधन हमारी सफलता के लिए बहुत आवश्यक है और इस आरती का गान करने से हमें यह कला प्राप्त होती है।

संयम और धैर्य

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारे जीवन में संयम और धैर्य की वृद्धि होती है। यह आरती हमें सिखाती है कि हमें हर परिस्थिति में संयम और धैर्य बनाए रखना चाहिए। संयम और धैर्य हमारे जीवन की कठिनाइयों को आसान बनाते हैं और हमें सफलता की ओर अग्रसर करते हैं।

समाज सेवा और परोपकार

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारे मन में समाज सेवा और परोपकार की भावना जागृत होती है। देवी सरस्वती की कृपा से हम दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित होते हैं और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं। समाज सेवा और परोपकार से हमें आत्मसंतोष की प्राप्ति होती है और हमारा जीवन सार्थक बनता है।

आध्यात्मिक ज्ञान

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमें आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। यह आरती हमें जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने में मदद करती है और हमें सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति होती है। आध्यात्मिक ज्ञान से हमारा जीवन संपूर्ण और संतुलित बनता है।

संकल्प शक्ति

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारी संकल्प शक्ति में वृद्धि होती है। यह आरती हमें सिखाती है कि हमें अपने लक्ष्यों के प्रति संकल्पित रहना चाहिए और अपने संकल्प को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए। संकल्प शक्ति से हम अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं।

संतुलित जीवन

ओम् जय वीणे वाली आरती का गान करने से हमारा जीवन संतुलित बनता है। यह आरती हमें सिखाती है कि हमें अपने जीवन में सभी क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखना चाहिए। संतुलित जीवन से हम खुशहाल और सफल होते हैं।

ओम् जय वीणे वाली आरती के लाभ अपार हैं। यह आरती हमें मानसिक शांति, ज्ञान, विद्या, कला, संगीत, वाणी में मधुरता, सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास, आध्यात्मिक उन्नति, स्वास्थ्य लाभ, रिश्तों में सुधार, घर में सुख-शांति, भक्ति और समर्पण, आत्मा की शुद्धि, समय की प्रबंधन, संयम और धैर्य, समाज सेवा और परोपकार, आध्यात्मिक ज्ञान, संकल्प शक्ति और संतुलित जीवन प्रदान करती है। देवी सरस्वती की कृपा से हमारा जीवन खुशहाल, सफल और संतुलित बनता है। इस आरती का नियमित पाठ और गान हमें देवी सरस्वती की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है।

सरस्वती आरती के लाभ क्या हैं?

ससरस्वती आरती के कई लाभ होते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

ज्ञान की प्राप्ति: सरस्वती आरती से भगवान सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है, जो बुद्धि, ज्ञान, और शिक्षा में वृद्धि करती है।

सर्जनात्मकता में वृद्धि: सरस्वती देवी कला और संगीत की देवी हैं, इसलिए उनकी आरती से सर्जनात्मक क्षमताएँ और प्रतिभा में सुधार हो सकता है।

परीक्षा में सफलता: विद्यार्थियों और शिक्षा प्राप्त कर रहे लोगों के लिए यह आरती विशेष रूप से लाभकारी हो सकती है, क्योंकि यह मन की एकाग्रता और सफलता में मदद करती है।

आध्यात्मिक शांति: सरस्वती आरती से भक्तों को मानसिक शांति और ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है, जिससे जीवन में संतुलन और शांति बनी रहती है।

सरस्वती महत्वपूर्ण क्यों हैं?

सरस्वती देवी हिंदू धर्म में ज्ञान, बुद्धि, कला, और संगीत की देवी हैं। वे शिक्षा और संस्कार की संरक्षिका हैं और विद्या, भाषा, और सर्जनात्मकता के क्षेत्र में प्रमुख स्थान रखती हैं। उनके सम्मान और पूजा से शिक्षा में सुधार होता है और मानसिक विकास संभव होता है।

सरस्वती का प्रतीक क्या है?

सरस्वती देवी का प्रमुख प्रतीक एक पूर्ण पंख वाला हंस है। इसके अतिरिक्त, वे वीणा (संगीत वाद्य) बजाते हुए चित्रित की जाती हैं, जो कला और संगीत का प्रतीक है। सरस्वती देवी के चार हाथ होते हैं, जिनमें वे एक हाथ में वीणा, एक हाथ में पुस्तक, एक हाथ में मोती की माला और एक हाथ में जल का कलश पकड़े रहती हैं। ये प्रतीक ज्ञान, शिक्षा, और आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सरस्वती क्यों महत्वपूर्ण हैं?

सरस्वती देवी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे ज्ञान, शिक्षा, और कला की देवी हैं। वे बुद्धि, सृजनात्मकता, और समझ को बढ़ावा देती हैं और इस प्रकार से वे व्यक्तियों के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनकी पूजा और आराधना से विद्या, विवेक, और मानसिक विकास में सहायता मिलती है, जिससे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है।

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