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श्री चित्रगुप्त स्तुति – Shri Chitragupt Stuti – Jai Chitragupt Yamesh Tav 2026

By Dr. Hemlata | Reviewed by Vedic Scholar | Last Updated: January 2026 - This devotional text has been carefully verified against widely accepted traditional sources to preserve correct wording, pronunciation, and spiritual intent for daily recitation.
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श्री चित्रगुप्त स्तुति (Shri Chitragupt Stuti), जिसे “जय चित्रगुप्त यमेश तव” के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्तुति है। भगवान चित्रगुप्त को यमराज के प्रमुख सहयोगी और कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। इस स्तुति का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान चित्रगुप्त की आराधना, उनकी कृपा प्राप्त करने, और जीवन में अनेक लाभ प्राप्त करने के लिए की जाती है।

भगवान चित्रगुप्त को धर्म और न्याय का प्रतीक माना जाता है। वे सभी कर्मों का रिकॉर्ड रखते हैं और न्याय की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके प्रति भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए यह स्तुति की जाती है, जिससे जीवन में शांति, समृद्धि, और सफलता की प्राप्ति होती है। श्री चित्रगुप्त की पूजा के माध्यम से व्यक्ति पापों से मुक्ति पा सकता है, जीवन की दिशा को सुधार सकता है, और अपनी आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हो सकता है।

यह स्तुति विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो धार्मिक अनुष्ठानों, आध्यात्मिक अभ्यासों और जीवन की कठिनाइयों से पार पाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके माध्यम से व्यक्ति को मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, और सामाजिक सम्मान प्राप्त करने के साथ-साथ आत्मिक उन्नति भी होती है। श्री चित्रगुप्त स्तुति का नियमित अभ्यास जीवन को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होता है और व्यक्ति को ईश्वर की कृपा प्राप्त करने में मदद करता है।



  • हिंदी / संस्कृत
  • English

|| श्री चित्रगुप्त स्तुति ||

जय चित्रगुप्त यमेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ।
जय पूज्यपद पद्मेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

जय देव देव दयानिधे,
जय दीनबन्धु कृपानिधे ।
कर्मेश जय धर्मेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

जय चित्र अवतारी प्रभो,
जय लेखनीधारी विभो ।
जय श्यामतम, चित्रेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

पुर्वज व भगवत अंश जय,
कास्यथ कुल, अवतंश जय ।
जय शक्ति, बुद्धि विशेष तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

जय विज्ञ क्षत्रिय धर्म के,
ज्ञाता शुभाशुभ कर्म के ।
जय शांति न्यायाधीश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

जय दीन अनुरागी हरी,
चाहें दया दृष्टि तेरी ।
कीजै कृपा करूणेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

तब नाथ नाम प्रताप से,
छुट जायें भव, त्रयताप से ।
हो दूर सर्व कलेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

जय चित्रगुप्त यमेश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ।
जय पूज्य पद पद्येश तव,
शरणागतम् शरणागतम् ॥

|| Shri Chitragupt Stuti ||

Jay Chitragupta Yamesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.
Jay Pujyapad Padyesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Jay Dev Deva Dayanidhe,
Jay Dinabandhu Kripānidhe.
Karmesh Jay Dharmesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Jay Chitra Avatāri Prabho,
Jay Lekhanidhāri Vibho.
Jay Shyamatam, Chitresh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Purvaja Va Bhagavat Amsh Jay,
Kāsyatha Kul, Avatamsh Jay.
Jay Shakti, Buddhi Vishesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Jay Vijn Kshatriya Dharm Ke,
Jnāta Shubhāshubha Karma Ke.
Jay Shānti, Nyāyādhīsh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Jay Din Anurāgi Hari,
Chāhen Dayā Drishti Teri.
Kijai Krupā Karunēsh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Tab Nath Naam Pratap Se,
Chhut Jayen Bhav, Trayatāp Se.
Ho Door Sarva Kalesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.

Jay Chitragupta Yamesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.
Jay Pujya Pad Padyesh Tava,
Sharanagatam Sharanagatam.


श्री चित्रगुप्त स्तुति के लाभ

श्री चित्रगुप्त स्तुति, जिसे “जय चित्रगुप्त यमेश तव” के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्तुति है जो भगवान चित्रगुप्त की पूजा और आराधना के लिए की जाती है। भगवान चित्रगुप्त हिंदू धर्म में यमराज के प्रमुख सहायकों में से एक माने जाते हैं। उनकी पूजा और स्तुति करने से जीवन में कई लाभ होते हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि श्री चित्रगुप्त स्तुति के लाभ क्या हैं।

आध्यात्मिक शांति और समृद्धि:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से मन को अत्यधिक शांति और समृद्धि मिलती है। भगवान चित्रगुप्त को न्याय, धर्म और सच्चाई का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा करने से व्यक्ति के मन में स्थिरता और शांति का अनुभव होता है, जो जीवन की व्यस्तताओं और चुनौतियों का सामना करने में सहायक होती है।

पापों से मुक्ति:

श्री चित्रगुप्त का नाम लेकर उनकी स्तुति करने से पापों की मुक्ति होती है। मान्यता है कि चित्रगुप्त भगवान हमारे सभी कर्मों को रिकॉर्ड करते हैं। उनकी स्तुति से यह संभावना बढ़ जाती है कि पापों का प्रभाव कम हो जाए और व्यक्ति को आत्मिक शांति मिले।

जीवन में सफलता और समृद्धि:

श्री चित्रगुप्त की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान चित्रगुप्त को जीवन के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाला माना जाता है। उनकी स्तुति करने से व्यक्ति के कर्म सही दिशा में होते हैं और जीवन में सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा:

श्री चित्रगुप्त की पूजा करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि चित्रगुप्त भगवान समस्त जीवन की सुरक्षा और संरक्षा का ध्यान रखते हैं। उनकी पूजा करने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और सुरक्षा का आभास होता है।

परिवारिक सुख और शांति:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से परिवारिक जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। परिवारिक समस्याओं और झगड़ों के समाधान के लिए चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। यह पूजा परिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने और पारिवारिक सुख में वृद्धि करने में सहायक होती है।

दोष निवारण:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से विभिन्न प्रकार के दोषों का निवारण होता है। चाहे वह व्यक्तिगत दोष हों या पारिवारिक या सामाजिक दोष, भगवान चित्रगुप्त की आराधना से इन दोषों से मुक्ति मिलती है। यह स्तुति जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में मदद करती है।

मानसिक संतुलन:

श्री चित्रगुप्त की पूजा करने से मानसिक संतुलन बना रहता है। व्यक्ति को तनाव, चिंता और अवसाद से छुटकारा मिलता है। भगवान चित्रगुप्त की स्तुति से मानसिक स्थिति स्थिर और शांत रहती है, जिससे जीवन में सुख और संतोष की भावना बनी रहती है।

समर्पण और भक्ति का अनुभव:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से समर्पण और भक्ति का अनुभव होता है। इस स्तुति के माध्यम से व्यक्ति भगवान चित्रगुप्त के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम को प्रकट करता है। यह भक्ति व्यक्ति को आत्मा की गहराइयों में जाकर ईश्वर के साथ एक संबंध स्थापित करने में मदद करती है।

कर्मों का संतुलन:

श्री चित्रगुप्त की पूजा करने से व्यक्ति के कर्मों का संतुलन बना रहता है। चित्रगुप्त भगवान कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं, और उनकी स्तुति करने से व्यक्ति के कर्म सही दिशा में होते हैं। इससे जीवन में कर्मफल के अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं।

जीवन की दिशा सुधार:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से जीवन की दिशा सुधारने में मदद मिलती है। जब व्यक्ति अपनी जीवन की दिशा को सही करने के प्रयास करता है, तो भगवान चित्रगुप्त की आराधना से सही मार्गदर्शन प्राप्त होता है। यह पूजा जीवन को एक नई दिशा और उद्देश्य प्रदान करती है।

आत्मिक उन्नति:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति से आत्मिक उन्नति होती है। व्यक्ति अपने आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होता है और आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। इस पूजा से व्यक्ति को आत्मा की वास्तविकता और उसकी उन्नति के मार्गदर्शन की प्राप्ति होती है।

सामाजिक सम्मान:

श्री चित्रगुप्त की पूजा और स्तुति करने से सामाजिक सम्मान बढ़ता है। समाज में व्यक्ति की छवि सकारात्मक बनती है और उसे सम्मान मिलता है। यह पूजा सामाजिक संबंधों को सुधारने और मान-सम्मान प्राप्त करने में सहायक होती है।

धन-वैभव में वृद्धि:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से धन-वैभव में वृद्धि होती है। भगवान चित्रगुप्त की आराधना करने से आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और धन के मार्ग खोलते हैं। यह पूजा आर्थिक समृद्धि और वैभव की प्राप्ति में मदद करती है।

मानसिक स्फूर्ति और ऊर्जा:

श्री चित्रगुप्त की स्तुति करने से मानसिक स्फूर्ति और ऊर्जा में वृद्धि होती है। व्यक्ति को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, जो उसे जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करती है। यह पूजा मानसिक ऊर्जा को बढ़ाती है और कार्यक्षमता में सुधार करती है।

जीवन की कठिनाइयों का सामना:

श्री चित्रगुप्त की पूजा से जीवन की कठिनाइयों का सामना करना आसान हो जाता है। भगवान चित्रगुप्त की आराधना से व्यक्ति को शक्ति और साहस मिलता है, जिससे वह जीवन की समस्याओं और चुनौतियों का सामना कर सकता है। यह पूजा संकटों और समस्याओं के समाधान में सहायक होती है।

श्री चित्रगुप्त स्तुति एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पूजा है जो विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान करती है। आध्यात्मिक शांति, पापों से मुक्ति, सफलता, स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख, मानसिक संतुलन, और आत्मिक उन्नति इसके प्रमुख लाभ हैं। यह स्तुति व्यक्ति के जीवन को सुखमय और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, श्री चित्रगुप्त की पूजा और स्तुति को नियमित रूप से करना चाहिए ताकि इन लाभों का अनुभव किया जा सके और जीवन में सच्ची शांति और समृद्धि प्राप्त की जा सके।


चित्रगुप्त भगवान का मंत्र क्या है?

चित्रगुप्त भगवान के प्रमुख मंत्रों में से एक है:
“ऊँ श्री चित्रगुप्ताय नमः”
इस मंत्र का जाप भगवान चित्रगुप्त की पूजा और ध्यान के लिए किया जाता है। यह मंत्र समर्पण और भक्ति का प्रतीक है, और इसके जाप से जीवन में समृद्धि और सफलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

चित्रगुप्त पूजा कैसे करें?

चित्रगुप्त पूजा करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जा सकती है:
स्थान: पूजा के लिए स्वच्छ और शांत स्थान का चयन करें।
सामग्री: दीपक, फूल, धूप, नैवेद्य (भोग), और चित्रगुप्त की प्रतिमा या चित्र।
पूजा विधि:स्नान और शुद्धता: सबसे पहले, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
स्थापना: चित्रगुप्त की प्रतिमा या चित्र को पूजा स्थल पर स्थापित करें।
धूप-दीप: दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें।
मंत्र जाप: “ॐ चित्रगुप्ताय नमः” मंत्र का जाप करें।
नैवेद्य: भगवान को भोग अर्पित करें।
आरती: आरती करें और भगवान की आराधना करें।
प्रार्थना: अपनी मनोकामनाएं प्रकट करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।

चित्रगुप्त भगवान का कार्य क्या है?

चित्रगुप्त भगवान को कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाला देवता माना जाता है। वे व्यक्ति के सभी अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब रखते हैं और जीवन के कर्मों की समीक्षा करके न्याय करते हैं। उनके कार्यों में कर्मों की रिकॉर्डिंग और स्वर्ग एवं नरक में आत्मा की यात्रा का निर्धारण शामिल है।

चित्रगुप्त की पूजा करने के लाभ क्या हैं?

चित्रगुप्त की पूजा करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:
कर्मों का लेखा-जोखा: अपने कर्मों की समीक्षा और दोषों से मुक्ति।
सफलता और समृद्धि: जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त करने के अवसर।
आध्यात्मिक उन्नति: आध्यात्मिक उन्नति और आत्मा की शांति।
सकारात्मक ऊर्जा: घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह।
सुरक्षा और सुरक्षा: ईश्वर की कृपा से हर तरह की सुरक्षा और सुरक्षित जीवन।

हिंदू धर्म में सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?

हिंदू धर्म में कई शक्तिशाली मंत्र हैं, लेकिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र को विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है। यह मंत्र भगवान शिव की आराधना के लिए प्रयोग किया जाता है और इसे जीवन के विभिन्न संकटों से उबारने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अतिरिक्त, “ॐ गण गणपतये नमः” भी एक शक्तिशाली मंत्र है जो विघ्नहर्ता गणेश की पूजा के लिए प्रसिद्ध है।

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