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माँ कालरात्रि की आरती – कालरात्रि जय महाकाली – Mata Kalratri Ki Aarti: Jai Jai Mahakali 2026

By Dr. Hemlata | Reviewed by Vedic Scholar | Last Updated: January 2026 - This devotional text has been carefully verified against widely accepted traditional sources to preserve correct wording, pronunciation, and spiritual intent for daily recitation.
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माँ कालरात्रि की आरती (Mata Kalratri Ki Aarti) का महत्वपूर्ण स्थान हिन्दू धर्म में है। यह आरती विशेष रूप से नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है, जब देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप की पूजा की जाती है। माँ कालरात्रि, जो काल और मृत्यु की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं, अपने भक्तों को भय और अंधकार से मुक्त करती हैं।

उनके प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने के लिए इस आरती का गायन किया जाता है। माँ कालरात्रि की आरती का नियमित पाठ आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाता है।

इस लेख में, हम माँ कालरात्रि की आरती के शब्दों को प्रस्तुत करेंगे ताकि आप इसे आसानी से समझ सकें और अपने घर पर भी इसका पाठ कर सकें। माँ कालरात्रि की कृपा से आपके जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होंगे और आपको मानसिक शांति मिलेगी। आइए, माँ कालरात्रि की आरती को गाकर उनकी कृपा प्राप्त करें।

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  • हिंदी / संस्कृत
  • English

|| माँ कालरात्रि की आरती – कालरात्रि जय महाकाली ||

कालरात्रि जय-जय-महाकाली ।
काल के मुह से बचाने वाली ॥

दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा ।
महाचंडी तेरा अवतार ॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा ।
महाकाली है तेरा पसारा ॥

खडग खप्पर रखने वाली ।
दुष्टों का लहू चखने वाली ॥

कलकत्ता स्थान तुम्हारा ।
सब जगह देखूं तेरा नजारा ॥

सभी देवता सब नर-नारी ।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी ॥

रक्तदंता और अन्नपूर्णा ।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना ॥

ना कोई चिंता रहे बीमारी ।
ना कोई गम ना संकट भारी ॥

उस पर कभी कष्ट ना आवें ।
महाकाली माँ जिसे बचाबे ॥

तू भी भक्त प्रेम से कह ।
कालरात्रि माँ तेरी जय ॥

|| Mata Kalratri Ki Aarti: Jai Jai Mahakali ||

Kaalaratri Jay-Jay-Mahakali.
Kaala ke muh se bachaane waali.

Dusht sanghaarak naam tumhaara.
Mahachandi tera avataar.

Prithvi aur aakaash pe saara.
Mahakali hai tera pasaara.

Khadag khappar rakhne waali.
Dushton ka lahoo chakhne waali.

Kalkatta sthaan tumhaara.
Sab jagah dekhun tera nazaara.

Sabhi devata sab nar-naari.
Gaaven stuti sabhi tumhaari.

Raktadanta aur Annapurna.
Kripa kare toh koi bhi dukh naa.

Naa koi chinta rahe bimaari.
Naa koi gam naa sankat bhaari.

Us par kabhi kasht naa aave.
Mahakali Maa jise bachaave.

Tu bhi bhakt prem se kah.
Kaalaratri Maa teri jay.


माँ कालरात्रि की आरती के लाभ

माँ कालरात्रि की आरती – कालरात्रि जय महाकाली की पूजा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। माँ कालरात्रि को महाकाली, महाकालिका और महाकलि के रूप में भी पूजा जाता है। इनकी पूजा विशेषत: नवरात्रि में की जाती है, खासकर सातवें दिन। इस आरती का पाठ भक्तों के जीवन में कई लाभकारी प्रभाव डालता है। आइए विस्तार से जानें कि माँ कालरात्रि की आरती के क्या-क्या लाभ हो सकते हैं:

असाध्य रोगों का नाश:

माँ कालरात्रि की आरती करने से भक्तों को असाध्य और गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है। माँ कालरात्रि को स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के लिए पूजा जाता है। इस आरती में माँ के प्रति अटूट विश्वास और भक्ति से व्यक्ति की बीमारियों में सुधार होता है।

शत्रुओं से सुरक्षा:

माँ कालरात्रि शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और उनसे सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी जानी जाती हैं। आरती के नियमित पाठ से शत्रुओं की नकारात्मक शक्तियाँ कमजोर होती हैं और भक्त को सुरक्षा का आभास होता है।

रात्री के अंधकार से छुटकारा:

जैसा कि उनके नाम से स्पष्ट है, माँ कालरात्रि रात्री के अंधकार को नष्ट करने वाली हैं। उनकी पूजा से व्यक्ति के जीवन में अंधकार और नकारात्मकता समाप्त होती है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति:

माँ कालरात्रि की आरती करने से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। यह आरती विशेष रूप से व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए लाभकारी होती है, क्योंकि इससे व्यापार में उन्नति और समृद्धि आती है।

आध्यात्मिक उन्नति:

माँ कालरात्रि की आरती के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति होती है। इससे भक्त की आत्मा की शुद्धि होती है और व्यक्ति के मन, वचन, और क्रिया में संतुलन आता है।

सभी संकटों का समाधान:

माँ कालरात्रि की आरती संकटों और कठिनाइयों से उबरने का उपाय मानी जाती है। यह आरती विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होती है जो जीवन में किसी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

शांति और संतुलन की प्राप्ति:

माँ कालरात्रि की पूजा से जीवन में शांति और संतुलन की प्राप्ति होती है। यह आरती मानसिक शांति और आत्म-संयम प्रदान करती है, जिससे व्यक्ति की मानसिक स्थिति स्थिर रहती है।

भविष्य की चिंताओं का निवारण:

माँ कालरात्रि की आरती से भविष्य की चिंताओं और अनिश्चितताओं का निवारण होता है। भक्तों को अपने भविष्य के प्रति आत्मविश्वास और आशा की प्राप्ति होती है।

आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति में वृद्धि:

माँ कालरात्रि की आरती के नियमित पाठ से भक्त की आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है। यह शक्ति उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं में बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है।

नैतिक और धार्मिक बल में वृद्धि:

माँ कालरात्रि की आरती नैतिक और धार्मिक बल को भी बढ़ाती है। इससे भक्त की धार्मिक भावनाएँ और नैतिकता में सुधार होता है, और वे जीवन में सही मार्ग पर चलते हैं।

सुख-समृद्धि की प्राप्ति:

माँ कालरात्रि की पूजा से भक्तों के जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। यह आरती जीवन की सुख-समृद्धि की वृद्धि के लिए भी प्रभावी मानी जाती है।

अध्यात्मिक मार्गदर्शन:

माँ कालरात्रि की आरती व्यक्ति को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करती है। इससे व्यक्ति को आत्मज्ञान प्राप्त होता है और वे जीवन के उच्च उद्देश्य को समझने में सक्षम होते हैं।

नकारात्मक शक्तियों का नाश:

माँ कालरात्रि की आरती नकारात्मक शक्तियों और बुरी आत्माओं के प्रभाव को नष्ट करने में सहायक होती है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार की नकारात्मकता समाप्त होती है।

संपूर्ण जीवन की रक्षा:

माँ कालरात्रि की पूजा से भक्त के पूरे जीवन की रक्षा होती है। यह आरती उन्हें हर क्षेत्र में सफलता और सुरक्षा प्रदान करती है।

संकटमोचन शक्तियों का विकास:

माँ कालरात्रि की आरती करने से भक्त के भीतर संकटमोचन शक्तियाँ विकसित होती हैं। ये शक्तियाँ उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सहायक होती हैं।

भक्ति और समर्पण का संवर्धन:

माँ कालरात्रि की आरती भक्ति और समर्पण को बढ़ावा देती है। यह भक्त को माँ के प्रति गहरी भक्ति और प्रेम की अनुभूति कराती है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण में सुधार:

माँ कालरात्रि की पूजा से भक्त का आध्यात्मिक दृष्टिकोण सुधारता है। इससे व्यक्ति जीवन की वास्तविकता और उद्देश्य को समझने में सक्षम होता है।

सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में सुधार:

माँ कालरात्रि की आरती से सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में भी सुधार होता है। यह आरती परिवार और समाज के भीतर प्रेम और सामंजस्य को बढ़ाती है।

सच्चे प्रेम और करुणा की अनुभूति:

माँ कालरात्रि की पूजा से व्यक्ति सच्चे प्रेम और करुणा की अनुभूति करता है। यह भावनाएँ उसे जीवन की कठिनाइयों का सामना करने में मदद करती हैं।

पारिवारिक सुख-शांति का वर्धन:

माँ कालरात्रि की आरती परिवार में सुख और शांति का वर्धन करती है। इससे पारिवारिक जीवन में खुशहाली और संतुलन बना रहता है।

माँ कालरात्रि की आरती के इन सभी लाभों से स्पष्ट है कि यह पूजा जीवन के हर पहलू में सकारात्मक प्रभाव डालती है। भक्तों को चाहिए कि वे इस आरती को नियमित रूप से पढ़ें और माँ कालरात्रि की भक्ति में मन-प्राण से समर्पित रहें। इससे उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और सुख-समृद्धि प्राप्त होगी।

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Hemlata – Experienced Hindu Devotee and Devotional Text Expert
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