Wednesday, January 28, 2026
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कुबेर चालीसा PDF – Kuber Chalisa PDF 2024-25

By Dr. Hemlata | Reviewed by Vedic Scholar | Last Updated: January 2026 - This devotional text has been carefully verified against widely accepted traditional sources to preserve correct wording, pronunciation, and spiritual intent for daily recitation.
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कुबेर चालीसा (Kuber Chalisa PDF) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है, जिसे भगवान कुबेर की स्तुति और पूजा के लिए समर्पित किया गया है। भगवान कुबेर को धन, ऐश्वर्य और वैभव के देवता के रूप में पूजा जाता है, और भारतीय पौराणिक कथाओं में उनका विशेष स्थान है। वे सिर्फ धन के देवता ही नहीं, बल्कि समृद्धि और सुख-शांति के प्रतीक भी माने जाते हैं। कुबेर चालीसा के पाठ के साथ लक्ष्मी जी की आरती करने से माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में धन और समृद्धि का वास होता है।

कुबेर चालीसा में कुल 40 श्लोक हैं, जो भगवान कुबेर की महिमा का वर्णन करते हैं और उनका आशीर्वाद पाने के लिए एक शक्तिशाली माध्यम माने जाते हैं। नियमित रूप से इसका पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में धन, समृद्धि और खुशहाली आती है, साथ ही आर्थिक अर्थशास्त्रियों के साथ भी।

विशेष रूप से जब किसी व्यक्तिगत आर्थिक ढांचे का सामना किया जा रहा हो या वित्तीय स्थिरता की कामना की जा रही हो, तब कुबेर चालीसा का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इसका पाठ मानसिक शांति, संतुलन और आध्यात्मिक विकास में भी सहायक होता है।


  • हिंदी / संस्कृत
  • English

|| कुबेर चालीसा PDF ||

– Kuber Chalisa in Hindi PDF –

॥ दोहा ॥
जैसे अटल हिमालय,
और जैसे अडिग सुमेर ।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे,
अविचल खडे कुबेर ॥

विघ्न हरण मंगल करण,
सुनो शरणागत की टेर ।
भक्त हेतु वितरण करो,
धन माया के ढेर ॥

॥ चौपाई ॥
जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी ।
धन माया के तुम अधिकारी ॥

तप तेज पुंज निर्भय भय हारी ।
पवन वेग सम सम तनु बलधारी ॥

स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी ।
सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी ॥

यक्ष यक्षणी की है सेना भारी ।
सेनापति बने युद्ध में धनुधारी ॥4॥

महा योद्धा बन शस्त्र धारैं ।
युद्ध करैं शत्रु को मारैं ॥

सदा विजयी कभी ना हारैं ।
भगत जनों के संकट टारैं ॥

प्रपितामह हैं स्वयं विधाता ।
पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता ॥

विश्रवा पिता इडविडा जी माता ।
विभीषण भगत आपके भ्राता ॥8॥

शिव चरणों में जब ध्यान लगाया ।
घोर तपस्या करी तन को सुखाया ॥

शिव वरदान मिले देवत्य पाया ।
अमृत पान करी अमर हुई काया ॥

धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में ।
देवी देवता सब फिरैं साथ में ॥

पीताम्बर वस्त्र पहने गात में ।
बल शक्ति पूरी यक्ष जात में ॥12॥

स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं ।
त्रिशूल गदा हाथ में साजैं ॥

शंख मृदंग नगारे बाजैं ।
गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं ॥

चौंसठ योगनी मंगल गावैं ।
ऋद्धि-सिद्धि नित भोग लगावैं ॥

दास दासनी सिर छत्र फिरावैं ।
यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं ॥16॥

ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं ।
देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं ॥

पुरुषों में जैसे भीम बली हैं ।
यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं ॥

भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं ।
पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं ॥

नागों में जैसे शेष बड़े हैं ।
वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं ॥20॥

कांधे धनुष हाथ में भाला ।
गले फूलों की पहनी माला ॥

स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला ।
दूर-दूर तक होए उजाला ॥

कुबेर देव को जो मन में धारे ।
सदा विजय हो कभी न हारे ॥

बिगड़े काम बन जाएं सारे ।
अन्न धन के रहें भरे भण्डारे ॥24॥

कुबेर गरीब को आप उभारैं ।
कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं ॥

कुबेर भगत के संकट टारैं ।
कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं ॥

शीघ्र धनी जो होना चाहे ।
क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं ॥

यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं ।
दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं ॥28॥

भूत प्रेत को कुबेर भगावैं ।
अड़े काम को कुबेर बनावैं ॥

रोग शोक को कुबेर नशावैं ।
कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं ॥

कुबेर चढ़े को और चढ़ादे ।
कुबेर गिरे को पुन: उठा दे ॥

कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे ।
कुबेर भूले को राह बता दे ॥32॥

प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे ।
भूखे की भूख कुबेर मिटा दे ॥

रोगी का रोग कुबेर घटा दे ।
दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे ॥

बांझ की गोद कुबेर भरा दे ।
कारोबार को कुबेर बढ़ा दे ॥

कारागार से कुबेर छुड़ा दे ।
चोर ठगों से कुबेर बचा दे ॥36॥

कोर्ट केस में कुबेर जितावै ।
जो कुबेर को मन में ध्यावै ॥

चुनाव में जीत कुबेर करावैं ।
मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं ॥

पाठ करे जो नित मन लाई ।
उसकी कला हो सदा सवाई ॥

जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई ।
उसका जीवन चले सुखदाई ॥40॥

जो कुबेर का पाठ करावै ।
उसका बेड़ा पार लगावै ॥

उजड़े घर को पुन: बसावै ।
शत्रु को भी मित्र बनावै ॥

सहस्त्र पुस्तक जो दान कराई ।
सब सुख भोद पदार्थ पाई ॥

प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई ।
मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई ॥44॥

॥ दोहा ॥
शिव भक्तों में अग्रणी,
श्री यक्षराज कुबेर ।
हृदय में ज्ञान प्रकाश भर,
कर दो दूर अंधेर ॥

कर दो दूर अंधेर अब,
जरा करो ना देर ।
शरण पड़ा हूं आपकी,
दया की दृष्टि फेर ॥

नित्त नेम कर प्रातः ही,
पाठ करौं चालीसा ।
तुम मेरी मनोकामना,
पूर्ण करो जगदीश ॥

मगसर छठि हेमन्त ॠतु,
संवत चौसठ जान ।
अस्तुति चालीसा शिवहि,
पूर्ण कीन कल्याण ॥

|| Kuber Chalisa PDF ||

Shree Kuber Chalisa Lyrics In English

॥ Doha
Jaise Ki Himaalay,
Aur Jaise Adig Sumer ॥
Aise Hee Svarg Dvaar Pe,
Avichal Khade Kuber ॥

Vighn Haran Mangal Karana,
Suno Sharanaagat Kee Ter ॥
Bhakt Vikaas Vitaran Karo,
Dhan Maaya Ke Haay ॥

॥ Chaupai ॥
Jay Jay Jay Shree Kuber Bhandaaree ॥
Dhan Maaya Ke Tum Adhikaaree ॥

Tap Tej Punj Nirbhay Bhay Haaree ॥
Pavan Veg Sam Sam Tanu Baladhaaree ॥

Svarg Dvaar Kee Raksha Karo ॥
Sevak Indr Dev Ke Aagyaakaaree ॥

Yaksh Yakshanee Kee Hai Sena Bhaaree ॥
Senaapati Bane Yuddh Mein Dhanudhaaree ॥4

Maha Yoddha Ban Shastr Dhaaren ॥
Yuddh Karain Shatru Ko Maarain ॥

Sada Vijayee Kabhee Na Haaren ॥
Bhagat Logon Ke Sankat Taaren ॥

Prapitaamah Hain Svayan Vidhaata ॥
Pulista Raajavansh Ke Janm Sangrahaalay ॥

Vishrava Pita Idvida Jee Maata ॥
Vibheeshan Bhagat Tera Bhraata ॥8

Shiv Charan Mein Jab Dhyaan Lagaaya Jaata Hai ॥
Ghor Tapasya Kari Tan Ko Sukhaaya ॥

Shiv Shrrngaar Mile Devata Paaya ॥
Amrt ​​Paan Kari Amar Huee Kaaya ॥

Dharm Dhvaja Sada Haath Mein ॥
Devee Devata Sab Phirain Saath Mein ॥

Peetaambar Vastr Paridhaan Gaat Mein ॥
Bal Shakti Poorn Yaksh Jaat Mein ॥12

Svarn Sinhaasan Aap Viraajen ॥
Trishool Gada Haath Mein Saajai ॥

Shankh Mrdang Nagare Baajen ॥
Gandharv Raag Madhur Svar Gaayen ॥

Chaunsath Yogani Mangal Gaavain ॥
Rddhi-Siddhi Nit Bhogen ॥

Daas Daasaanee Sir Chhatr Firaaven ॥
Yaksh Yakshanee Mil Chanvar Dhulaavain ॥16

Kuber Gareeb Ko Aap Shobhaayamaan ॥
Kuber Rn Ko Sheeghr Udghaatit Karen ॥

Kuber Bhagat Ke Sankat Taaran ॥
Kuber Shatru Ko Kshan Mein Maaren ॥

Sheeghr Dhanee Jo Hona Chaahata Hai ॥
Kyoon Nahin Yaksh Kuber Manae ॥

Yah Paath Jo Padha Gaya ॥
Din Dugana Vyaapaar Raajakumaaree ॥28

Bhoot Pret Ko Kuber Bhaagavain ॥
Ade Kaam Ko Kuber Banaavain ॥

Rog Shok Ko Kuber Nashaavain ॥
Kalank Kodh Ko Kuber Hataaven ॥

Kuber Chadhe Ko Aur Chadhaade ॥
Kuber Pratibha Ko Pun: Utha De ॥

Kuber Bhaagy Ko Turant Jaga De ॥
Kuber Bhoole Ko Raah Bata De॥32

Pyaase Kee Pyaas Kuber Boha De ॥
Rishtedaar Kee Bhookh Kuber Bete De ॥

Mareez Ka Rog Kuber Ghata De ॥
Duhkhiya Ka Duhkh Kuber Chhuta De ॥

Baanjh Kee God Kuber Bhara De ॥
Bizanes Ko Kuber Badha De ॥

Kaaraagaar Se Kuber Vichaaradhaara De ॥
Chor Thagon Se Kuber Bacha De ॥36

Kort Kes Mein Kuber Jitaavai ॥
Jo Kuber Ko Man Mein Dhyaavai ॥

Chunaav Mein Jeet Kuber Karaaven ॥
Mantree Pad Par Kuber Devataavain ॥

Paath Kare Jo Nit Man Laee ॥
Usakee Kala Ho Sada Savaee ॥

Jisape Aakarshak Kuber Kee Maee ॥
Unaka Jeevan Chale Sukhadaee ॥40 ॥

Jo Kuber Ka Paath Karaavai ॥
Usaka Beda Paar Lagaavai ॥

Ujje Ghar Ko Pun: Basaavai ॥
Shatru Ko Bhee Mitr Banaavai ॥

Sahastr Pustak Jo Daan Kiya ॥
Sab Sukh Bhod Padaarth Paaya ॥

Praan Tyaag Kar Svarg Mein Jay ॥
Maanas Parivaar Kuber Keerti Gaee ॥44 ॥

॥ Doha
Shivabhakton Mein Agranee,
Shree Yaksharaaj Kuber ॥
Hrday Mein Gyaan Prakaash Bhar,
Kar Do Door Andhere ॥

Kar Do Door Ke Andhere Ab,
Jara Karo Na Der ॥
Sharan Padha Hoon Aapakee,
Daya Kee Drshti Pher ॥

Nitt Nem Kar Subah Hee,
Paath Karaun Chaaleesa ॥
Tum Mere Man,
Poorn Karo Jagadeesh ॥

Magasar Chhathi Hemant Rtu,
Sanvat Chausath Jaan ॥
Astuti Chaaleesa Shivahi,
Poorn Keen Kalyaan 



Shree Kuber Chalisa Lyrics In Hindi


कुबेर चालीसा के लाभ

कुबेर चालीसा (Kuber Chalisa Pdf) एक प्रमुख हिंदू धार्मिक स्तोत्र है जो भगवान कुबेर को समर्पित है। कुबेर, जो धन, संपत्ति और समृद्धि के देवता माने जाते हैं, उनके पूजन से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस लेख में, हम कुबेर चालीसा के लाभ और इसके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

कुबेर चालीसा का महत्व

कुबेर चालीसा भगवान कुबेर के 40 श्लोकों का संग्रह है। यह स्तोत्र भगवान कुबेर की स्तुति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है। कुबेर को धन के देवता के रूप में जाना जाता है, और उनकी पूजा से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। कुबेर चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ सकता है और जीवन में स्थिरता आ सकती है।

कुबेर चालीसा के लाभ

आर्थिक समृद्धि: कुबेर चालीसा का नियमित पाठ करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। यह माना जाता है कि भगवान कुबेर की पूजा करने से धन के प्रवाह में वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियों का समाधान होता है।

वित्तीय संकट से मुक्ति: जिन लोगों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है, वे कुबेर चालीसा का पाठ करके राहत प्राप्त कर सकते हैं। यह स्तोत्र संकटों को दूर करने और धन के मार्ग को खोलने में सहायक होता है।

संपत्ति में वृद्धि: कुबेर चालीसा के पाठ से व्यक्ति की संपत्ति और दौलत में वृद्धि हो सकती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो व्यापार या निवेश के क्षेत्र में हैं।

व्यापार में सफलता: व्यापारियों और उद्यमियों के लिए कुबेर चालीसा का पाठ अत्यंत लाभकारी है। यह उनके व्यापार को प्रगतिशील बनाता है और नए अवसर प्रदान करता है।

ऋण मुक्ति: जिन लोगों के ऊपर बड़े पैमाने पर ऋण है, वे कुबेर चालीसा का पाठ करके ऋण मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। यह स्तोत्र ऋणों को चुकाने के लिए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

स्वास्थ्य में सुधार: आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ, कुबेर चालीसा का पाठ स्वास्थ्य में भी सुधार ला सकता है। इसके प्रभाव से जीवन में संतुलन और शांति बनी रहती है, जो कि स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

मानसिक शांति: कुबेर चालीसा का नियमित पाठ करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। जब व्यक्ति की वित्तीय स्थिति ठीक होती है, तो मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में शांति का अनुभव होता है।

धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति: कुबेर चालीसा के पाठ से व्यक्ति की धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह व्यक्ति को धर्म और नैतिकता की ओर अग्रसर करता है और जीवन के उच्च उद्देश्यों की प्राप्ति में मदद करता है।

समाज में सम्मान: भगवान कुबेर की पूजा करने से समाज में सम्मान प्राप्त होता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ, व्यक्ति की सामाजिक स्थिति में भी वृद्धि होती है।

सुख और समृद्धि: कुबेर चालीसा का पाठ सुख और समृद्धि की प्राप्ति में सहायक होता है। यह व्यक्ति को जीवन में खुशहाल और संतुलित रहने में मदद करता है।

कुबेर चालीसा का पाठ विधिपूर्वक करना चाहिए। निम्नलिखित तरीके से कुबेर चालीसा का पाठ किया जा सकता है:

स्वच्छता और ध्यान: पाठ से पहले स्वच्छता का ध्यान रखें और एक शांत स्थान पर बैठें। भगवान कुबेर की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर ध्यान लगाएं।

दीप और धूप: पूजा स्थल पर दीप जलाएं और धूप करें। यह वातावरण को पवित्र बनाता है और ध्यान को केंद्रित करता है।

मंत्र जाप: कुबेर चालीसा के श्लोकों का मन ही मन जाप करें या जोर से पढ़ें। हर श्लोक के बाद एक बार “ॐ श्री कुबेराय नमः” का जाप करें।

प्रार्थना: पाठ के बाद भगवान कुबेर से प्रार्थना करें और उनकी कृपा की कामना करें। आप अपनी इच्छाओं और समस्याओं को भगवान के सामने व्यक्त कर सकते हैं।

अर्चना: पूजा के बाद भगवान कुबेर को पुष्प अर्पित करें और उनके चरणों में माथा टेकें।

प्रसाद: पूजा समाप्त करने के बाद, भगवान कुबेर को भोग अर्पित करें और प्रसाद का वितरण करें।

कुबेर चालीसा (Kuber Chalisa Pdf) का प्रयोग विशेष परिस्थितियों में किया जा सकता है, जैसे:

वित्तीय कठिनाइयों के समय: जब व्यक्ति को वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो, तब कुबेर चालीसा का पाठ लाभकारी हो सकता है।

व्यापार में वृद्धि के लिए: व्यापारियों और उद्यमियों को अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए कुबेर चालीसा का पाठ करना चाहिए।

ऋण मुक्ति के लिए: यदि किसी के ऊपर कर्ज है, तो कुबेर चालीसा का पाठ करके ऋण मुक्ति की कामना की जा सकती है।

संपत्ति में वृद्धि के लिए: संपत्ति की वृद्धि और आर्थिक समृद्धि के लिए भी कुबेर चालीसा का पाठ किया जा सकता है।

कुबेर चालीसा क्या है?

कुबेर चालीसा भगवान कुबेर की स्तुति में रचित एक 40-श्लोकों वाला भक्तिपूर्ण पाठ है। इसे पढ़ने से धन-संपत्ति, समृद्धि और खुशहाली प्राप्त होती है, क्योंकि कुबेर को धन के देवता माना जाता है।

कुबेर चालीसा कब और कैसे पढ़ें?

कुबेर चालीसा को शुक्रवार या किसी भी शुभ दिन पढ़ना अच्छा माना जाता है, विशेष रूप से धनतेरस और दीपावली के समय। इसे सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर कुबेर देव की मूर्ति या तस्वीर के सामने पढ़ा जाता है। चालीसा पढ़ते समय दीपक जलाना और कुबेर मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।

कुबेर चालीसा को कितनी बार पढ़ना चाहिए?

नियमित रूप से, दिन में एक बार कुबेर चालीसा पढ़ना शुभ माना जाता है। विशेष अवसरों जैसे कि दीपावली या किसी आर्थिक कार्य की शुरुआत के समय इसे 11 या 21 बार पढ़ने का भी महत्व है।

क्या कुबेर चालीसा से वाकई धन की प्राप्ति होती है?

कुबेर चालीसा का पाठ आर्थिक समृद्धि के लिए किया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य केवल धन प्राप्त करना नहीं है, बल्कि जीवन में संतुलन, सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति भी है। यह पाठ मनोबल को बढ़ाता है और सही दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा देता है, जिससे व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है।

कुबेर चालीसा किसने लिखा?

कुबेर चालीसा के रचयिता के बारे में कोई निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह एक पारंपरिक भक्ति पाठ है जो सदियों से हिंदू धर्म में प्रचलित है।

कुबेर चालीसा के साथ अन्य कौन से पाठ किए जा सकते हैं?

कुबेर चालीसा के साथ कुबेर मंत्र और लक्ष्मी माता की आराधना भी की जा सकती है। भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि के देवता के रूप में साथ-साथ पूजा जाता है।

क्या कुबेर चालीसा केवल हिंदी में उपलब्ध है?

कुबेर चालीसा मूल रूप से हिंदी में ही प्रचलित है, लेकिन यह अन्य भाषाओं में भी अनुवादित हो चुकी है।

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Hemlata – Experienced Hindu Devotee and Devotional Text Expert
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